खबर का असर: नींद से जागा प्रशासन रात भर चलाया चैकिंग अभियान

सहारनपुर। प्रशासन को बार-बार आइना दिखाने के बावजूद भी अभी तक पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाये लेकिन मीडिया कर्मियों द्वारा हरियाणा के खनन माफियाओं के खिलाफ प्रकाशित करायी जा रही खबरों का असर सामने आया है और पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और टापू घाट से आ रहे खनन वाहनों पर चैकिंग अभियान चलाकर कार्यवाही की है।

आपको बता दें कि लगातार हरियाणा से आ रहे अवैध खनन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया गया था जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और जिलाधिकारी सहारनपुर ने एसडीएम नकुड़ व् एसडीएम बेहट को पूरे मामले की जांच सौंपी इतना ही नहीं मामले में संलिप्त खनन माफियाओं को देखते हुए एसपी सिटी द्वारा लगभग 14 पुलिसकर्मियों की एक टीम भी इन्हे दी गयी जिससे की रात के समय आसानी से चैकिंग किया जा सके।  पिछले काफी समय से सहारनपुर में हरियाणा के टापू घाट से आ रहे अवैध खनन की शिकायत सहारनपुर प्रशासन को मिल रही थी जिसके बाद सहारनपुर के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने इस पर बड़ा संज्ञान लिया और जांच के आदेश पारित कर दिया। 

वहीँ अगर सूत्रों की मानें तो गोपनीय रूप से टीम बनाकर एसडीएम बेहट और एसडीएम नकुड़ को यह जांच दिया गया जिसके बाद रात में चलाये गए चैकिंग अभियान में लगभग हरियाणा के टापू से आ रहे अवैध खनन के करीब  एक दर्जन से ऊपर वाहनों को सीज किया गया। इस पूरे मामले में थाना चिलकाना और थाना सरसावा पर जो आरोप अवैध खनन को लेकर लगाया जा रहा था वह खुलकर सामने निकल आया। पकड़ी गयी सभी गाड़ियां अवैध खनन से लदी हुयी थी और ये सभी हरियाणा के टापू से बिना किसी प्रपत्र के अवैध रूप से निकाले जा रहे थे। थाना सरसावा और थाना चिलकाना में हरियाणा के खनन माफियाओं ने अपनी सैटिंग की हुयी थी जिससे कि अवैध खनन से लदी ये गाड़ियां हरियाणा के टापू घाट से निकलकर आसानी से थाना चिलकाना और थाना सरसावा की सीमा से होकर सहारनपुर में आ जाती थी। 

थाना चिलकाना तथा थाना सरसावा  की मिली भगत से हो रहे इस अवैध खनन के परिवहन का एसडीएम नुकुड़ ने औचक कार्यवाही कर करीब एक दर्जन से ऊपर वाहनों को बिना प्रपत्र एवं बिना आईएसटीपी के पकड़ा है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि हरियाणा से आ रहे इस अवैध खनन की गाड़ियों में से अधिकतर गाड़ियाँ नानौता जा रही हैं नानौता में हो रहे हाई-वे निर्माण यह सारा अवैध खनन प्रयोग किया जा रहा है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस पर भी संज्ञान लेते हुए हाईवे निर्माण की जांच बैठा दी है इसके अलावा एक गोपनीय टीम को तैयार किया गया है जो हरियाणा-यूपी सीमा पर नजर बनाये रखेगी।

 आपको याद होगा कि अवैध खनन और उसके परिवहन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया गया था जिसमे लगभग 60 गाड़ियों की एंट्री का खेल जो थाना चिलकाना के द्वारा खेला जा रहा था उसको उजागर किया गया था। थाना चिलकाना पुलिस एक बड़े एन्ट्री फीस के बदले हरियाणा के टापू से आ रहे अवैध खनन की गाड़ियों को अपनी सीमा से सहारनपुर में एंट्री करवा रही थी इन गाड़ियों में अवैध खनन भरा होता था और इनके पास कोई भी प्रपत्र नहीं होते थे यही हाल सरसावा थाना का था वहां भी इसी तरह हरियाणा के टापू से आ रही अवैध खनन की गाड़ियों को एंट्री फीस लेकर एंट्री दी जा रही थी। 

इस तरह सहारनपुर के दोनों ही थानों की इस अवैध वसूली और अवैध खनन के जिले में एंट्री के चलते सरकार को करोड़ों रूपये के राजस्व की हानि हो रही है। कई बार इस तरह के अवैध खनन और उसके परिवहन की शिकायत भी की गयी जिसके बाद डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल द्वारा इस पर कार्यवाही करते हुए थाना चिलकाना पर कार्यवाही की गयी थी लेकिन फिर 2 - 4 दिन बाद ढाक के वही 3 पात। 

अब जिलाधिकारी के इस तरह की कार्यवाही के बाद खनन माफियाओं और हरियाणा के खनन सिंडिकेट चला रहे माफियाओं में खलबली मची हुयी है वहीँ इस कार्यवाही के बाद थाना सरसावा और थाना चिलकाना पर भी गाज गिर सकती है क्योंकि दोनों ही थानों के अवैध वसूली का खेल सामने आ गया हैं।