विश्वास का हस्ताक्षर लिख दो

समय के इस प्रश्न पर,

अटल आश का उत्तर लिख दो।

काल के कपाल पर,

विश्वास का हस्ताक्षर लिख दो।

सीखो सूरज की किरणों से,

नित्य प्रातः वह आती हैं।

कितना भी हो नीरद नभ में,

ज्योत्सना वह फैलाती हैं।

दूषित कुलषित इस अंबर पर,

धीरज का एक अंबर लिख दो।

मन का मनोबल ना टूटे,

मौत से लड़ जाओ अब।

छीन कर प्राण यमदूत से,

यमपुरी से भी लाओ अब।

इस विनाश के मस्तक पर,

आत्मविश्वास के अक्षर लिख दो।

समय को पराजित कर,

योद्धा बनो इस रण के।

मानव तुम हो वीर विजेता,

ईसदियों से समरांगण के।

विकट विकराल इस पावक में,

अमित विशाल जलधर लिख दो।


कामिनी मिश्रा,प्रा0 वि0-लालमन 

खेड़ा बीघापुर,उन्नाव,उत्तर प्रदेश