योगी सरकार की साख पर कहीं बट्टा न लगा दे बिन्दकी विधायक की हनक

रविकश्यप

-बिंदकी विधायक मामले से झाड़ रहे पल्ला, कहते- विपिन पटेल नहीं है उनका प्रतिनिधि

-औद्योगिक नगरी के नाम से विख्यात बिंदकी नगर अब जमीनों के अवैध कारोबार से हो रही सुविख्यात

-आरोप: नगर पालिका परिषद भवन के सामने बेशकीमती जमीन पर हो रहा कब्जा, पुलिस बनी मूकदर्शक

-सूत्र: हो सकता है खूनी संघर्ष, कहीं बड़ी घटना का इंतजार तो नहीं कर रही स्थानीय कोतवाली पुलिस

-जमीन मामले के एक पक्ष ने दिखाएं बैनामा सहित कुछ अहम दस्तावेज, दूसरे ने समझौता पत्र दिखाकर किया किनारा

-सवाल: जब नहीं है प्रतिनिधि तो चार पहिया वाहन मे विधायक लिखकर क्यों गांठा जा रहा रौब

-वाहन मे लगी सचिवालय वाहन पास की फोटो कॉपी बया कर रही कुछ और कहानी!

बिन्दकी फतेहपुर। कभी औद्योगिक नगरी के नाम से उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में विख्यात बिंदकी नगर अब जमीनों के अवैध कारोबार के नाम पर सुविख्यात होता जा रहा है स जमीनों के अवैध कारोबार के साथ-साथ सत्ता की हनक दिखाकर हो रहे ताबड़तोड़ कब्जो को लेकर जहां एक ओर आम इंसान अपने को दहशतजदा महसूस कर रहा है स वही जमीनों पर गिद्ध की तरह नजर गड़ाए कुछ भूमाफिया एक के बाद एक जमीनों पर कब्जा कर योगी सरकार की सांख व भारतीय जनता पार्टी के ’सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास जैसे नारे को शर्मसार कर रहे हैं स जमीन पर अवैध कब्जो को लेकर सुर्खियां बटोर रहे नगर के वासियो की माने तो कुछ समय से जमीनों का अवैध कारोबार बिंदकी नगर में परवान चढ़ने लगा है स लोगों का तो यहां तक कहना है कि सत्ता की हनक दिखाकर विधायक प्रतिनिधि का चोला ओढ़कर घूमने वाला एक व्यक्ति पुलिस प्रशासन को अपनी मुट्ठी में रखे हुए, उसके इसारे पर नगर के कुछ नामचीन सफेदपोश नेता एवं कारोबारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने के लिए रुपयों का बंदोबस्त करते हैं स उसके बाद जमीनों पर प्लाटिंग एवं रिहायशी आवास समेत दुकानों का निर्माण करा कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है स सूत्रों की माने तो इन जमीनों से होने वाली कमाई का एक हिस्सा जहां जनप्रतिनिधियों तक पहुंचता है स वही कुछ हिस्सा अवैध काम को संरक्षण देने वाले पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियो व कर्मचारियों समेत जमीन के अवैध कारोबार मे पैसे लगाने वालों तक पहुंचाया जाता है स सूत्रों की माने तो  सबसे बड़ी बात यह है कि इस अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा नगद ही लिया एवं दिया जाता है! उधर जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर चर्चा में आये विपिन पटेल नामक व्यक्ति अपने आप को बिंदकी विधायक का प्रतिनिधि बताता है, जबकि इस मामले में बिंदकी विधायक करण सिंह पटेल का कहना है कि विपिन पटेल से उनका कोई लेना-देना नहीं और वह उनका प्रतिनिधि भी नहीं है! अब सोचने वाला सवाल यह है कि जब बिंदकी विधायक करण सिंह पटेल विपिन को अपना प्रतिनिधि ही नहीं मानते तो ऐसे में विपिन पटेल द्वारा चार पहिया वाहन नम्बर यू पी 71 वी 7100 मे विधायक लिखकर खुलेआम उनकी ही विधानसभा क्षेत्र मे घूमकर क्या साबित कर रहे है! इसमें एक बात और मजेदार है की उक्त नम्बर का वाहन विपिन पटेल के नाम पर दर्ज नहीं है स ये वाहन किसी मोहम्मद इस्माइल के नाम पर है स जिसमे सचिवालय वाहन पास की फोटो कॉपी भी लगी हुई है जो कुछ और ही कहानी बया करता है!

  बिंदकी नगर में नगर पालिका परिषद भवन के ठीक सामने जिस जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है! उक्त जमीन के मामले में बताया जाता है कि यह जमीन इमरान और गुड्डू नाम के व्यक्ति ने गोल्डी तिवारी व उसके परिवार के कुछ अन्य लोगों से खरीदी है स बताया जाता है कि इस जमीन में गुड्डू का एक पार्टनर भी शामिल है स बताया जाता है कि इस जमीन का कुछ हिस्सा तो गुड्डू द्वारा बैनामा भी करा लिया गया है, जबकि कुछ जमीन का पैसा जमीन मालिकों को देकर बैनामा कराने के लिए कुछ वक्त का समय लिया गया है! इस जमीन के मामले में एक नया पेंच भी प्रकाश मे आया है स सूत्रों की माने तो राहुल द्विवेदी नामक एक व्यक्ति इस जमीन का एक बड़ा भाग (करीब साढ़े छह बिस्वा) अपना बताता है स उसका कहना है कि उसकी जमीन जमीदारी के समय की है स हालांकि राहुल द्विवेदी से उक्त जमीन से सम्बंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो उन्होंने जमीन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध ना होने की बात कहकर किनारा कर लिया स जबकि उनके द्वारा गुड्डू द्वारा किये गए समझौता पत्र की फोटो कॉपी जरूर दिखाई गयी स जबकि गुड्डू उक्त मामले पर कहना है कि यह जमीन गोल्डी तिवारी व उनके परिवार के नाम पर दर्ज है स सन 1955 का बैनामा भी उनके पास है, जिसकी जांच पड़ताल करने के बाद ही जमीन गोल्डी तिवारी व उनके अन्य परिजनों से खरीदी थी स गुड्डू ने यह भी बताया कि उन्होंने कुछ जमीन का बैनामा करा लिया है, जबकि कुछ जमीन का पैसा दे दिया गया है स कुछ पैसा कम होने की वजह से रजिस्ट्री के लिए समय मांगा गया है स उधर सूत्रों की माने तो इस जमीन के मामले में बिंदकी नगर के ही एक बड़े व्यापारी गोविन्द बाबू टाटा द्वारा पैसा लगाया गया है स सूत्रों की माने तो गोविंद बाबू टाटा विपिन पटेल के साथ उक्त जमीन पर अवैध कब्जा कराने के लिए रुपयों का बंदोबस्त कर रहे है और जमीन पर जबरन हो रहे अवैध निर्माण मे आने वाले खर्च का जिम्मा भी गोविंद बाबू टाटा ने हीं ले रखा है स उक्त जमीन मामले में सूत्रों की माने तो आए दिन नगर के अंदर पंचायते होती रहती है स इसके अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद भी कार्यवाही ना किया जाना व मामले कि गंभीरता को देखते हुए जमीन पर हो रहे निर्माण पर रोक लगाकर यथास्तिथि बनाये रखने कि कार्यवाही ना होना अपने आपने बड़ा सवाल है! प्रशासन द्वारा खुलेआम उक्त विवादित जमीन पर निर्माण कि मौन सहमति देने का अर्थ भी समझ से परे है स इस मामले में सूत्रो कि माने तो स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस व जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियो ने गंभीरता न दिखाई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता स कभी भी दोनों पक्षों के बीच बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता है, जिसका जिम्मेदार सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन होगा।