पप्‍पू यादव पर सरकारी काम में बाधा डालने और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप गिरफ्तार, नीतीश सरकार के सहयोगी ने किया विरोध

पटना: बिहार के लोकप्रिय नेता पप्‍पू यादव की गिरफ्तारी मामले में नीतीश कुमार सरकार में अलग-अलग राय सामने आई है. नीतीश सरकार में दो सहयोगी जीतन राम मांझी और मुकेश मल्लाह ने पप्पू यादव की गिरफ़्तारी का विरोध किया है. पप्‍पू की गिरफ्तारी को लेकर‍ विरोध जताते हुए पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा, 'कोई जनप्रतिनिधि यदि दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके ऐवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है.' नीतीश सरकार में मंत्री मुकेश मल्‍लाह/साहनी ने भी इस मामले में जीतनराम मांझी की ही तरह राय जताई है. मुकेश ने ट्वीट किया, 'जनता की सेवा ही धर्म होना चाहिए. पप्‍पू यादव को गिरफ्तार करना असंवेदनशील है.'

पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाना लाया गया है.' जानकारी के मुताबिक उन पर सरकारी काम में बाधा डालने और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है.

गौरतलब है कि पप्पू ने एक स्थान पर धावा बोलकर दो दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस बिना इस्तेमाल के रखे होने का मामले का खुलासा किया था. सभी एंबुलेंस की खरीदारी सारण से लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी के कोष से की गई थी. इस मामले में उन पर दो प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं. पूर्व सांसद पर हाल के दिनों में अस्‍पतालों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर कुछ और जगहों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है.बता दें, इसके बाद शनिवार को पप्पू यादव ड्राइवरों की पूरी टीम के साथ मीडिया के सामने आए थे. उन्होंने दावा किया था कि उनके पास 40 ड्राइवर हैं, इन सभी का नाम लिखकर सरकार के पास भेजा जाएगा. बताते चलें कि बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पप्पू यादव को ड्राइवर लाकर सभी एंबुलेंस चलवाने की चुनौती दी थी. जिसके जवाब में पप्पू यादव अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचे और दावा किया वह इन 40 ड्राइवरों से एंबुलेंस चलवाने के लिए तैयार हैं.