तीरंदाजी संघ : तीरंदाजों को विश्व कप में खेलने का मिले मौका

भारतीय महिला तीरंदाजों का बतौर टीम ओलंपिक में खेलने का सपना अब तीरंदाजी की सर्वोच्च संस्था वर्ल्ड आर्चरी और पेरिस विश्व कप आयोजन समिति पर निर्भर है। वल्र्ड आर्चरी के हस्तक्षेप के बाद आयोजन समिति ने भी भारतीय तीरंदाजों की भागीदारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यही नहीं फ्रांस की ओर से भारत में फैले कोरोना के चलते छोटी अवधि का वीजा देने से इंकार किए जाने के बाद विदेश मंत्रालय भी बीच में कूद पड़ा है। उसने भी भारतीय तीरंदाजों का वीजा देने की गुहार लगाई है।

टोक्यो ओलंपिक के लिए पुरुष टीम और दीपिका कुमारी कोटा हासिल कर चुके हैं, लेकिन महिला टीम को ओलंपिक में खेलने केलिए पेरिस विश्व कप में कोटा हासिल करना होगा। फ्रांस के इंकार के बाद उसकी भागीदारी पर ही तलवार लटक गई है। एएआई के एक पदाधिकारी के अनुसार टीम को विश्व कप में खिलाने की पूरी कोशिशें की जा रही हैं। वल्र्ड आर्चरी और आयोजन समिति से बात जारी है। पहले यह प्रस्ताव रखा गया कि भारतीय तीरंदाजों को 10 दिनों का एकांतवास किसी अन्य देश में करा दिया जाता है, लेकिन इस पर अंतिम राय नहीं बन पाई।

अब आयोजन समिति ने फ्रांस में ही पेरिस के बाहर भारतीय टीम के 10 दिन के एकांतवास की योजना बनाई है। आयोजन समिति भी अपने देश को लिखने जा रही है कि ओलंपिक क्वालिफाइंग को देखते हुए भारतीय टीम को वीजा दिया जाए। तीरंदाजों को पेरिस विश्व कप में नहीं खेलने दिया जाता है तो टोक्यो में पुरुष टीम के साथ दीपिका कुमारी को ही खेलना पड़ेगा। पेरिस के लिए महिला टीम में दीपिका कुमारी, अंकिता भक्त, कोमालिका बारी और मधु वेदवान का चयन किया गया है। ओलंपिक में टीम में तीन सदस्यीय टीम खेलेगी।