उसने बड़े प्यार से दोस्ती किया था

उसने बड़े प्यार से दोस्ती किया था

हर वक्त में साथ देने का वादा किया था।


सारे सपनों को सजाने का इजहार किया था

नजरों से एक पल दूर ना हो  तुमने कुछ ऐसा कहा  था।


तुमने हमारे लिए रात को भी दिन बनाया था

हर झूठ को भी तुमने सच माना था।


हमारे हर सांसो पर बस तुम्हारा ही नाम था

कुछ खोने से डरता था तो वो तुम्हारा साथ था।


सारे सपनों को ऐसे ही क्यों तूने भुला दिया

इस दोस्ती को क्यों  तूने इस कदर बर्बाद कर दिया।


तुम्हारे टूटे वादों से मैं परेशान था

आंखों में आंसू लिए तुम्हारे प्यार के लिए बेकरार था।


ना जाने कौन सी वो बद्दुआ लगी थी

हमारी तुम्हारी दोस्ती को किसकी नजर लगी थी।


वो सारे वादों को मैं जब टूटा हुआ देखा था

अपनी ही नजरों में खुद को गिरते हुए देखा था।


अपनी हर मुस्कुराहट को गम में बदलते देखा था

तुम ऐसे बदल जाओगी ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था।


आपको दोस्ती का मतलब ही नहीं पता था

क्या गुजरती है दिल पर

शायद  ये आपको पता नहीं था।


पंडित अमित कुमार शर्मा

प्रयागराज उत्तर प्रदेश

मो.8707290713