कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग से टूटेगी कोरोना की चेन: योगी

लखनऊ। टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीत के संतोषजनक आये  हैं। कांट्रैक्ट ट्रेसिंग से कोरोना की चेन टूटेगी। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज टीम-9 के अफसरों कही।उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाने की जरूरत है। औसतन दो लाख से ढाई लाख टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं, नए केस में गिरावट आई है। स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वालों की संख्या बढ़ रही है। विगत 24 घंटे में प्रदेश में 26,780 नए केस की पुष्टि हुई जबकि 28,902 कोविड संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो गए।  11,51,571 प्रदेशवासियों ने कोविड से लड़ाई जीत ली है। 

वर्तमान में  2,59,844 एक्टिव केस हैं। 30 अप्रैल को एक्टिव केस की संख्या सर्वाधिक थी, जब प्रदेश में 03 लाख 10 हजार 783 केस थे। आज 6 दिन की अवधि में इसमें 50 हजार से अधिक की गिरावट आई है। 24 घंटे में 2,25,670 टेस्ट किये गए, इसमें 112000 आरटीपीसीआर माध्यम से हुए। प्रदेशवासी कोविड विहैवियर को जीवनशैली में शामिल करें।  अब तक 01 करोड़ 32 लाख 55 हजार 955 वैक्सीन डोज एडमिनिस्टर किए जा चुके हैं।  18-44 आयु वर्ग के 68536 लोग अब तक वैक्सीनेट ही चुके हैं। इस आयु वर्ग की सक्रिय भागीदारी का ही परिणाम है कि इस वर्ग में वैक्सीन वेस्टेज 0.39 फीसदी ही है। 

अधिक संक्रमण दर वाले सात जिलों में 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण चल रहा । अगले सप्ताह से  नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण का कार्यक्रम संचालित किया जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश के 97 हजार राजस्व गांवों में घर-घर स्क्रीनिंग और टेस्टिंग का महाभियान शुरू हो गया है। निगरानी समितियों की स्क्रीनिंग में लक्षणयुक्त पाए गए 69,474 लोगों का जब एंटीजन टेस्ट किया गया तो 3551 पॉजिटिव मिले। इन्हें, मेडिकल किट प्रदान कर, सतर्कता के उपाय बातकर होम आइसोलेट किया गया। 

संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए हमें कांटेक्ट ट्रेसिंग को और प्रभावी बनाना होगा। टीकाकरण, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता वर्तमान क्षमता के सापेक्ष न्यूनतम दोगुना करने की कार्यवाही तेज हो। उन्होंने बताया कि कतिपय जिलों में निजी अस्पतालों द्वारा तय दरों से अधिक शुल्क लेने, बेड खाली होने के बाद भी मरीजों को भर्ती करने से इनकार, ऑक्सीजन की उपलब्धता के बाद भी अनावश्यक अभाव बताकर भय का माहौल बनाने जैसी घटनाएं संज्ञान में आई हैं। गाजियाबाद और लखनऊ में स्थानीय प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की है। ऐसे सभी प्रयासों पर सख्त नजर रखी जाए। 

नॉन कोविड मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए  इंतजाम किए जाएं। गंभीर रोग से ग्रसित मरीज हो अथवा गर्भवती महिलाओं की आपात आवश्यकता, सभी की लिए समुचित चिकित्सा प्रबंध कराए जाएं। हर जिले में न्यूनतम एक अस्पताल ऐसे मरीजों के लिए डेडिकेट किया जाए। कोविड हॉस्पिटल में उपचाराधीन मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी, लाइन ऑफ ट्रीटमेंट आदि जरूरी जानकारियों से मरीज के परिजन को हर दिन जरूर अवगत कराया जाए।

 होम आइसोलेशन और नॉन कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। इन्हें सिलिंडर की कमी कतई न हो। होम आइसोलेशन के मरीजों को ऑन डिमांड ऑक्सीजन की  आपूर्ति की व्यवस्था कराई जाए। इसके लिए एक सिस्टम तैयार करें। होम आइसोलेशन के मरीजों को कतई समस्या न हो। जिलों में ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। भारत सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।

 विभिन्न पीएसयू भी अपने स्तर पर प्लांट स्थापित करा रही हैं।गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग और आबकारी विभाग द्वारा ऑक्सीजन जेनरेशन की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। एमएसएमई इकाइयों की ओर से भी सहयोग मिल रहा। सीएचसी स्तर से लेकर बड़े अस्पतालों तक में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। भारत सरकार से लगातार सहयोग प्राप्त हो रहा है। 05 मई को 823 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण प्रदेश में किया गया। ऑक्सीजन एक्सप्रेस सतत गतिशील हैं। 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ट्रेन भी जामनगर से आने वाली है। वर्तमान में 89 टैंकर ऑक्सीजन से सम्बंधित कार्य में क्रियाशील हैं। 

भारत सरकार ने प्रदेश को 400 मीट्रिक टन के टैंकर दिए हैं। रिलायंस और अडानी जैसे निजी औद्योगिक समूहों की ओर से टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन के संबंध में टैंकरों की संख्या और बढ़ाये जाने की जरूरत है। क्रायोजेनिक टैंकरों के संबंध में ग्लोबल टेंडर करने की कार्यवाही की जाय। जिलों में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं। इनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। एनेस्थेटिक और अन्य तकनीशियनों की नियुक्ति की गई है। आंशिक कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी रूप से लागू करें। दूध दवा आदि के लिए आवागमन कर रहे लोगों का पुलिस सहयोग करे।

 कल प्रदेश में अलविदा की नमाज अदा होगी।कोरोना कर्फ्यू का पालन करते हुए अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना चाहिए। धर्मगुरुओं से संवाद कर इसे सुनिश्चित कराया जाए। ठेला-रिक्शा चालकों आदि जरूरतममंदों के लिए सामुदायिक भोजनालय का संचालन किया जाए। लखनऊ और प्रयागराज में सामुदायिक भोजनालय शुरू हो गए हैं। बड़ी औद्योगिक इकाइयों में कोविड केयर सेंटर स्थापित हैं।

 वर्तमान में 544 उद्योगों में साढ़े 08 सौ से अधिक बेड की क्षमता के साथ को कोविड केयर सेंटर क्रियाशील हैं।राज्य स्तरीय टीम 09 की तर्ज पर जिलों में गठित विशेष समितियों की दैनिक कार्यवाही की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाय।एक्सप्रेस वे और जनहित के निर्माण की बड़ी परियोजनाएं सतत जारी रहें। जिन परियोजनाओं में न्यूनतम 50 लोग एक क्रियाशील हों, वहां कोविड केयर सेंटर स्थापित कराया जाए।