विकल्प हमें चुनना है

शरीर एक सा ही है,

सत्य, स्नेह, शांति और भाईचारे में

विश्वास रखने वाला

 'इंसान' हो गया,

 और

झूठ, घृणा, कलह और झगड़े में 

विश्वास रखने वाला

'शैतान' हो गया।


चस्का एक सा ही है,

ईमानदारी से कड़ी मेहनत करके

कमाई करने वाला

'इंसान' हो गया,

और

बेईमानी से गलत रास्ता चुन के

घर भरने वाला

'शैतान' हो गया।


रास्ता एक सा ही है

सेवा और परमार्थ के रास्ते पर

चलने का धैर्य रखने वाला

'इंसान' हो गया,

और

लालच और स्वार्थ के रास्ते की ओर

फिसलने की मंशा रखने वाला

'शैतान' हो गया।


भाव मन का ही है

सबका भला चाहते हुए सह-अस्तित्व 

व निर्माण की भावना रखने वाला

'इंसान' हो गया,

और

सिर्फ अपना भला सोचते हुए

दूसरों के विनाश की सोच रखने वाला

'शैतान' हो गया।


जितेन्द्र 'कबीर'

संपर्क सूत्र - 7018558314