ट्रेवल्स बसों से हर रोज आ रहे सैकड़ों प्रवासी

बांदा। गैर प्रांतों को जाने वाली परिवहन बसों के बंद कर दिए जाने से एकाएक ट्रैवल्स एजेंसियों की चांदी कटने लगी है। विभिन्न प्रांतों को जाने वाली बसों का संचालन तेज हो गया है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मुंबई, दिल्ली से प्रवासी मजदूर मुख्यालय आ रहे हैं। प्रवासी मजदूर न तो मास्क का प्रयोग कर रहे और न ही सैनिटाइजर का। इनकी थर्मल स्क्रीनिंग तक भी नहीं हो रही। इससे गांव-गांव संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। यह सब जानते हुए भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह नजर आते हैं। कोरोना के दूसरे स्टेज में संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में परिवहन निगम ने गैर प्रांतों को जाने वाली बसों का संचालन 15 मई तक के लिए बंद कर दिया है। सरकार बसों के बंद होने के साथ ही प्राइवेट बसों का संचालन तेज हो गया है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मजदूर ट्रैवल्स की बसों से मुख्यालय आ रहे है। मजे की बात तो यह है कि यात्री बिना मास्क व सैनिटाजर के यात्रा कर रहे है। ट्रैवल्स में यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गांव-गांव कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। जिले के अधिकारी नियमों का पालन कराना तो दूर पूरी तरह से बेपरवाह बने हुए है। गुरुवार को तीन ट्रैवल्स की आधा दर्जन बसों से तीन सैकड़ा से अधिक प्रवासी मजदूर दिल्ली व सूरत से मुख्यालय आए और जांच के ही अपने-अपने घरों को चले गए। एडीएम संतोष बहादुर सिंह का कहना है कि मुंबई, दिल्ली से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों की सफाई के लिए सैनिटाइजर करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया कि कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल कंट्रोल रूम को फोन कर यात्री की कोरोना जांच कराई जाए। कोरोना गाइड लाइन का उल्लघन करने वालों के बस संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।