यमुना नदी की कोख में मोरम माफिया कर रहे हैं जबरदस्त प्रहार आखिर चुप क्यों है योगी सरकार

अनिल श्रीवास्तव

यमुना की जलधारा परिवर्तित कर खनन माफिया निकाल रहे लाल सोना

फतेहपुर। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने यमुना नदी की धारा से छेड़छाड़ करके मोरम खनन करने के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि जिस जनपद में यमुना नदी की जलधारा से मोरम खदानों में छेड़छाड़ करने की सूचना मिलेगी उस जनपद के जिला अधिकारी और खनन अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री के इस फरमान का असर भले ही अन्य जनपदों में लागू हो रहा हो किंतु इस जनपद में उनका फरमान पूरी तरह से फेल होता नजर आ रहा है। जनपद में संचालित यमुना खदानों में मोरम माफियाओं द्वारा खुलेआम यमुना नदी में भारी भरकम मशीनों के द्वारा जलधारा के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन धारण किए हुए हैं।धाता थाना क्षेत्र की रानीपुर खण्ड संख्या एक में जलधारा में उतरकर अवैध खनन करने के सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिसमे साफ साफ देखा जा सकता है कि कई पोकलैंड मशीने जलधारा में उतरकर एनजीटी के नियमो की धज्जियां उड़ा रही हैं और जलधारा को खोदकर बड़े बड़े गड्ढे बनाकर पर्यावरण से छेड़छाड़ करती नज़र आ रही हैं। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि खुलेआम मौके से ही ओवरलोड वाहन भरे जा रहे हैं लेकिन उन्हें देखने वाली तीसरी आंख भी या तो गायब है या फूटी हुई है। वीडियो में पीछे एक उपधारा को भी बांधकर रास्ता बना दिया गया है जो स्पष्ट नज़र आ रहा है। जबकि जलधारा बांधने का जनपद की अढ़ावल 11 का मामला अभी भी एनजीटी कोर्ट में चल रहा है जिस पर फैसला आना बांकी है। बावजूद इसके खनन माफियाओं को कोई खौफ नहीं है वह तहसील स्तरीय अधिकारियों से सेटिंग करके नियम विपरीत जमकर अवैध खनन करने में मशगूल है। यही हाल जनपद की अन्य खदानों का भी है जहां ओवरलोड रोकने के लिए लगे धर्मकांटे सिर्फ शोपीस साबित हो रहे हैं जबकि सीसीटीवी कैमरों का भी कोई अता पता नहीं है इसी मामले में दो दिन पूर्व अढ़ावल 11 नम्बर खदान में जलधारा बांधने के मामले में एनजीटी कोर्ट में केस दर्ज करवाने वाले शिकायत कर्ता विकास पांडे ने जिलाधिकारी व शासन को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार जनपद में संचालित खदान रामनगर कौहन, रानीपुर एक नम्बर, अढ़ावल एक नम्बर, अढ़ावल 11 नम्बर आदि में सीमा स्तम्भ के चारों कोनो में एक भी कैमरे नहीं लगे हैं जबकि शासन की गाइडलाइन है कि 360 की दृश्यता से सभी स्तम्भो में सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए जिससे अवैध खनन की पड़ताल हो सके। वहीं धर्मकांटा में भी 360 दृश्यता के कैमरे लगे हों ताकि बगल से गुजर रहे ओवरलोड वाहनों पर निगरानी हो सके रानीपुर खंड संख्या एक मे नीचे उतरकर देखा गया तो पता चला की 30 से 35 पोकलैंड मशीने जमुना नदी का सीना चीर रही है तहसील स्तरीय अधिकारियो से सेटिंग करके नियम विपरीत जमकर अवैध खनन करने मे मशगूल है||