अहम से आगे की दुनिया

माना कि हुनर है तुम्हारे पास

अपनी वक्तृता से 

ज्यादातर लोगों को कायल बनाने का,

अपने अहम को विस्मृत कर

श्रवणशक्ति जो कभी बढ़ा पाओ

तो शायद ज्यादा समझदार कहलाओ।


माना कि जज्बा है तुम्हारे पास

हर हथकंडा अपनाकर

चुनावों में उतर परचम लहराने का,

अपनी राजनीति के गिरते स्तर

पर भी जो कभी ध्यान लगाओ

तो शायद बेहतर परिणाम ला पाओ।


माना कि चतुर दिमाग है तुम्हारे पास

दूसरों की गलतियों का

प्रचार कर अपने पक्ष में भुनाने का,

अपनी गलतियों पर हर बार

जो अंधे धृतराष्ट्र ना बन जाओ

तो शायद बेहतर इंसान बन जाओ।


ऐतिहासिक अवसर है तुम्हारे पास

बहुमत में होकर

कई सुधार कर इतिहास रच जाने का,

अपने प्रचार के बल पर हर बार

जो खुद को भगवान ना कहलवाओ

तो शायद कभी सच में महान हो पाओ।


जितेन्द्र 'कबीर'

संपर्क सूत्र - 7018558314