जे पी नड्डा ने सोनिया गांधी को लिख कोविड को लेकर नकारात्मक प्रचार करने का लगाया आरोप

                                           

नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा चार पन्नों के पत्र में कोविड को लेकर नकारात्मक प्रचार करने का आरोप लगाया. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस के कुछ लोग अच्छा काम कर रहे हैं वहीं अधिकांश वरिष्ठ नेता नकारात्मकता फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मार्च 2020 से ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगे हैं. वे लगातार मुख्यमंत्रियों के संपर्क में हैं और कई बैठकों की अध्यक्षता कर चुके हैं. जेपी नड्डा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने पीएम मोदी की इस बात के लिए प्रशंसा भी की है. मैं बहुत दुख के साथ यह पत्र लिख रहा हूं, क्योंकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री कोविड से लड़ाई के बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि पिछले साल जब देश के वैज्ञानिक वैक्सीन विकसित करने का प्रयास कर रहे थे तब आपकी पार्टी के नेता जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं. उनका मजाक बना रहे थे. आपकी पार्टी के नेताओं ने देश के लोगों में वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट बढ़ाई जबकि देश में वैक्सीन के प्रति कभी ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सौ साल में आई इस महामारी के दौरान ऐसा किया गया. अप्रैल में ही कांग्रेस के नेता मांग कर रहे थे कि वैक्सीन अभियान का विकेंद्रीकरण किया जाए. उन्होंने सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या कांग्रेस कार्यसमिति के नेताओं की उन नेताओं से बातचीत नहीं होती. 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अनुसार भारत सरकार ने पहले चरण में राज्यों को 16 करोड़ वैक्सीन दी है. अब भी पचास प्रतिशत मुफ्त में दी जा रही है. बीजेपी या एनडीए के शासन वाले राज्यों ने गरीब तथा वंचित वर्ग के लिए मुफ्त में वैक्सीन देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि कांग्रेस शासित राज्य भी गरीबों के लिए ऐसा ही महसूस करते होंगे. क्या वे भी उन्हें मुफ्त में वैक्सीन देंगे.कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बनी वैक्सीन किसी एक पार्टी की नहीं है. ये देश की हैं. पीएम केयर्स फंड के तहत 45 हजार वैंटीलेटर भेजे गए. यह देख कर दुख होता है कि कुछ राज्यों में वे खोले तक नहीं गए.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का व्यवहार छोटी और ओछी बातों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. कभी लॉक़डाउन का विरोध करना और कभी समर्थन करना. केरल में विशाल चुनावी रैलियां करना और दूसरे राज्यों में ऐसी रैलियों का विरोध करना, जब कोरोना के मामले बढ़ रहे थे तब आपकी पार्टी के नेता उत्तर भारत में सुपर स्प्रैडर रैलियां करते नजर आ रहे थे. जनता की याददाश्त से ऐसी बातें मिटाना आसान नहीं है. फरवरी और मार्च के आंकड़ें बताते हैं कि कौन से राज्य कोरोना को फैलने से रोकने में नाकाम रहे. पंजाब में मृत्यु दर इतनी अधिक क्यों रही, ये सवाल आपको अपने मुख्यमंत्रियों से पूछने चाहिए.

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस में नया चलन है. सारी जिम्मेदारी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर डाल दो. बकौल नड्डा, मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि नए संसद भवन की मांग यूपीए शासन में उठी थी. तत्कालीन स्पीकर मीरा कुमार ने इस बारे में कहा, लोगों को देखना चाहिए कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के बारे में सवाल उठाने वाली कांग्रेस छत्तीसगढ़ में नए विधानसभा परिसर पर काम कर रही है. सुप्रीम कोर्ट तक ने कहा कि 70 साल में जो स्वास्थ्य ढांचा बना वह पर्याप्त नहीं है. तंजात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि इन 70 साल में अधिकांश समय किस पार्टी का शासन रहा,यह लंबी सूची है लेकिन इस समय राजनीति करना मेरा मकसद नहीं है. उन्होंने कहा कि आपको स्वयं यह पूछना चाहिए कि ऐसे समय कोविड योद्धाओं  का मनोबल कम क्यों किया जा रहा है. क्या आपकी पार्टी के नेताओं की हरकतों की वजह से यह लड़ाई कमजोर पड़ रही है.