दशकों में जो हो न पाया, चार साल में कर दिखाया

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश सरकार का विज्ञापन ,ष्दशकों में जो हो न पाया, चार साल में कर दिखाया, बिल्कुल अपने आप में जनता की निगाह में सच है ,यह संदेश उत्तर प्रदेश में ही नहीं पूरे भारत देश में जा रहा है कि अल्पसंख्यक हितों की सुरक्षा हो या मजदूर, दलित ,पिछड़ेवर्ग , किसान हो या महिलाएं ,युवा हो या सरकारी तबका ,भारतके नव रत्न वाले स्मारक ,गंगा यमुना की सद्भावना की सामाजिक मान्यताएं, प्रजातंत्र का चौथा  स्तंभ पत्रकारिता हो,राजनेतिक अधिकार सब बेहाल ही नहीं उनकी आवाज को भी दबा दिया गया है ,प्रजातांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करने वाली कार्यपालिका के मूल मंत्र को राजनेतिक रूप से भगवाकरण के साथ निजीकरण की व्यवस्था की गई ,प्रदेश की जनता जान चुकी है कि कॉरोना काल में किस तरह अंधविश्वास के साथ ताली थाली त्तार्च के बल पर उपचार को अपनाया गया, वहीं कांग्रेस के सरकार के समय के स्थापित संस्थाओं में ही खोज की बदौलत आज वैक्सीन से जीवन सूरक्छिट किया जा रहा।

बेरोजगारी चरम पर है ,महिलाओं खास कर दलित समाज के साथ अन्याय की आवाज सुनी नहीं जा रही ,सरकारी तबका निजीकरण के भय से युक्त है , पेंशन योजना की समीक्षा कर पूर्व के आधार पर नहीं की जा रही ,पीने के पानी की व्यवस्था जल संकट वाले स्थानों में नहीं है तो शौचालयों की स्वच्छता का हाल क्या होगा ,उद्योगों में निवेश की बात तो दूर कई हजार उद्योग भारत सरकार के आंकड़ों में ही  हट गए है ,फतेहपुर में ही कई दशक पहले कांग्रेस के शासन में स्थापित हजारों को रोजगार देने वाली कताई मिल बन्द हो गई आज तक उसके पुनर्स्थापित की आवाज को बुलंद भी नहीं किया गया ,शिक्छा, स्वास्थ्य ,खाद्य ,ऊर्जा ,रोजगार पर  भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने है नहीं अन्य जातिवादी मानसिकता के साथ मिलकर बनाने वाली सरकारों ने भी प्रदेश के चतुर्मुखी विकास का काम नहीं किया , आज जनता अपने तीस साल की युवा पीढ़ी के लिए उन राजनेतिक दलों से भी हिसाब मांगने के लिए खड़ी है जिनके पास कोई जवाब नहीं है ,प्रदेश में शांति प्रेम सद्भाव के लिए कांग्रेस सदा सभी धर्मो ,वर्गो को लेकर चलने में संविधान की मर्यादा में हितों को सुराछित और संरछिट करने का काम किया है  ।
आज प्रदेश में शांति प्रेम के साथ आर्थिक विकास की दरकार है ,लेकिन तेलंगाना राज्य के एक माननीय सांसद जी जिनकी पार्टी आजादी के पूर्व राजघरानों से देश विरोधी अभियान में रहे है आजकल यूपी के कई इलाकों में दौरे कर रहे है जो सामाजिक एकता को तोड़ने में लगे है आखिर प्रदेश का अल्पसंख्यक समुदाय सवाल पूछ रहा है की २०१४के पहले वे नहीं आते रहे तो इस बीच क्यो आ रहे ,उन पर कोई रोक नहीं लेकिन जनता के हितों के लिए संघर्ष शान्ति पूर्वक करने पर आखिर ावतवदं का भय दिखाकर रोक लगा दी जाती है ।
अल्पसंख्यक और दलित वर्ग को लोभ दिलाकर भी शासन किया गया लेकिन जब आज के दौर में वह समुदाय संकट में आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा भय और आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है तो वह दोनो ही राजनेतिक छितिज से गायब है ,आखिर वे ख़ामोश क्यो है यह भी जनता जानना चाह रही है । उक्त कथन आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग मिस्बाह उल हक ने कहा।