खेला होबे

खेला होबे
खेला होबे
जरूर खेला होबे
भयंकर खेला होबे।

खेला किसके साथ होबे
खेला मतुआ सङ्गे होबे
खेला बहुजन सङ्गे होबे

कैसे खेला होबे
एक बोले आमि गोलकीपर
दूसरा बोले आमि गोलकीपर
दोनों ने तय कर लिया या तो मैं या तो तुम
फिर हो गया न तुम्हारे साथ खेला?

कहते हैं खेला करने वाले
मत जाओ धर्म, जाति, वर्ण पर
कहेंगे वे कि केवल
आमार शोनार बांग्ला
आमि तोमाय भालोबाशी,
आमार भालो बांग्ला संस्कृति
आमार मिष्टि बंग भाषा
यही सुन सुन तुम झुमोगे
इसी में तुम उलझोगे
यही कह कह के
खा लेते हैं वे तुम्हारा हिस्सा।

तुम गाओ लोकगीत
भत्ता आपको मुट्ठी भर भत्ता
नहीं पता तुमको कैसे
देते हैं तुमको धत्ता
पाकर लालच भर्ती का
नारायणी, गोरखा और जंगमहल बटालियन में
उनका हुक्म बजाओ
इतने में बस खुश हो जाओ
पर हुक्मरान न बन पाओ
यही है खेला
समझो इस खेला को।

तभी कहता है दूसरा
ना खेलब
ना खेले देब
खेल के बिगाड़ देब।

इतना जानो इस खेला में
जीत कर वही खेलेगा
हार कर भी वही खेलेगा वही
पर तुम्हारा खेला खत्म।

यह खेला है।
यही खेला होबे
यही खेला होबे।

-संतोष पटेल ,नई दिल्ली