आत्मनिर्भर भारत यात्रा के तीसरे चरण के दूसरे दिन लोगों को खादी, स्वदेशी और स्वावलम्बन के प्रति किया गया जागरूक

फतेहपुर, बाराबंकी। आत्मनिर्भर भारत यात्रा के तीसरे चरण के दूसरे दिन देवा और फतेहपुर में लोगों को खादी, स्वदेशी और स्वावलम्बन के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान यात्रा के संयोजक गांधीवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा का कस्बा देवा में समाजसेवी नदीम वारसी व वासिक रफीक वारसी ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 

वहीं इसरौली में पारिजात आईटीआई के प्रबंधक फहीम सिद्दीकी, जफरूल इस्लाम, आदिल मुनीर, गुलफाम राइन, मो. आरिफ ने माला पहनाकर स्वागत किया। यात्रा फतेहपुर पहुंचते ही राजनाथ शर्मा ने सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्र्यापण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। तदोपरान्त वरिष्ठ अधिवक्ता योगेन्द्र सिंह बल्लू ने अधिवक्ताओं के साथ मिलकर राजनाथ शर्मा का स्वागत किया। 

तहसील फतेहपुर स्थित बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित सभा की अध्यक्षता कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार निगम ने कहा कि महात्मा गांधी की प्रसांगिकता हमेशा रहेगी। महात्मा गांधी खादी को स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानते थे। खादी जो एक समय भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक हुआ करती थी, लेकिन आज अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के माध्यम से राजनाथ शर्मा महात्मा गांधी के आत्मनिर्भरता के संदेश से जोड़ने का काम कर रहे है जो राष्ट्रपिता के सम्पूर्ण स्वदेशी के स्वप्न को साकार करेगा। 

आत्मनिर्भर भारत यात्रा के संयोजक राजनाथ शर्मा ने कहा कि भारत आत्मनिर्भर तब बनेगा जब गांव का विकास होगा। गांव में समृद्धि आएगी। गांव में चरखा चलेगा। कुम्हार मिट्टी का काम करेगा। आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी ने ग्रामीण स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए खादी को बढ़ावा देना शुरू किया। इस प्रकार खादी स्वदेशी आंदोलन का अभिन्न अंग बन गया।

फतेहपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यादवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि खादी से हमें हमारे बापू की याद आ जाती है। क्योंकि खादी का कपड़ा सादगी का प्रतीक है। खादी का कपड़ा स्वच्छ और निर्मम होता है। इसलिए हमे खादी पहनना चाहिए तथा समाज को खादी पहनने के लिए आग्रह भी करना चाहिए।

सभा का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता विरेश चन्द्र वर्मा ने किया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह वर्मा, विष्णु कुमार श्रीवास्तव, तेज प्रताप मिश्र, राकेश श्रीवास्तव, पाटेश्वरी प्रसाद, आसिफ हुसैन, विष्णु मौर्या, पं भेला नाथ मिहिर, अभिषेक तिवारी, बृजेश मिश्र, मो. तौसीफ अहमद, अलीउद्दीन, विजय राम जायसवाल, अवधेश श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।