युवराज सिंह का करियर हुआ और भी सुनहरा

युवराज सिंह और पंठान बंधुओं के ऑलराउंड खेल के दम पर इंडिया लीजेंड्स ने रविवार को श्रीलंका लीजेंड्स को 14 रन से हराकर रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का खिताब अपने नाम कर लिया। यूसुफ ने पहले बल्लेबाजी में युवराज संग मिलकर बड़ा स्कोर बनाने में मदद की, फिर गेंदबाजी में अपने भाई इरफान संग मिलकर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को ज्यादा खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पिछले कुछ मैचों से जोरदार बल्लेबाजी कर रहे युवराज का बल्ला फाइनल मुकाबले में भी चला। उन्होंने 41 गेंदों पर 62 रनों की बेहतरीन पारी खेली। भारत के यह खिताब जीतते ही युवराज के करियर में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है।
युवराज सिंह के इंटरनेशनल करियर पर नजर दौड़ाई जाए तो वे लगभग आईसीसी के सभी बड़े खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में अंडर-19 वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल ट्रॉफी, चैम्पियंस ट्रॉफी, टी-10 लीग खिताब जीते थे। लेकिन अब उनके खाते में पहली बार आयोजित हुए रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का खिताब भी जुड़ गया है। हालांकि युवराज इस साल होने वाली आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप का खिताब नहीं जीत पाएंगे, क्योंकि वे इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।
युवराज ने फाइनल मैच में उस समय जिम्मेदारी संभाली, जब टीम 35 रनों पर दो विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। उन्होंने यहां पहले सचिन और फिर यूसुफ के साथ मिलकर टीम का स्कोर 150 के पार पहुंचाया। उन्होंने अपनी 60 रनों की पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें कौसल्या वीरारत्ने ने फरवीज महारूफ के हाथों कैच आउट कराया। वैसे तो युवराज ने इस टूर्नामेंट में सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी कोहराम मचाया था, लेकिन फाइनल मैच में उन्हें गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला।