पहली से मनरेगा में मजदूरों की बढ़ी मजदूरी, मिलेंगे 204 रुपये

उरई/जालौन। मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों को केंद्र सरकार ने तोहफा दिया है। सरकार ने हर राज्य के लिए अलग-अलग मजदूरी बढ़ाई है। इसमें उत्तर प्रदेश के मनरेगा मजदूरों की मजदूरी तीन रुपये प्रतिदिन से हिसाब से मजदूरी बढ़ाई गई। प्रदेश में अभी तक मनरेगा मजदूरों को एक दिन काम करने पर 201 रुपये दिया जाता था। अब उन्हें प्रतिदिन 204 रुपये दिए जाएंगे। बढ़ी दरें एक अप्रैल से लागू की जाएंगी। ग्रामीण मजदूरों को लिए मनरेगा जीविका का प्रमुख जरिया है। यही वजह से की सरकारें लगतार मनरेगा को लेकर गंभीर हैं और लगातार मजदूरी बढ़ाने के लिए चर्चा करती हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने प्रदेश के मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए मासिक वेतन में 90 रुपए की वृद्धि की है। इससे जिले के मजदूर काफी खुश है। सरकार इस बड़ी दरों को अगले वित्त वर्ष यानी एक अप्रैल से 204 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी देगी। मनरेगा के नियमों की मुताबिक मजदूरों को गांव में 14 दिन के अंदर काम उपलब्ध कराया व 15 दिन के अंदर किए गए कार्य का भक्ता उपलब्ध दिया जाना चाहिए। इसको लेकर लगातार जिले के अधिकारी ग्राम प्रधानों व सचिवों की मॉनिटिंग करते है। मजदूरी बढ़ाए जाने के बावजूद श्रमिक इसे बेहद कम मान रहे हैं लेकिन फिलहाल वे खुश भी हैं। उनका कहना है कि कुछ कम ही सही, लेकिन मजदूरों को पास माह में कुछ अतिरिक्त पैसे तो पहुंचेंगे। वहीं बीडीओ कदौरा अतिरंजन सिंह ने बताया ब्लॉक में 28 हजार 931 जॉब कार्ड हैं, जिसमें 21 हजार 364 मजदूरों ने काम किया है। आटा के रामबाबू का कहना है कि मजदूरों में प्रतिदिन तीन रुपये बढ़ने से 15 दिन में उनके पास 45 रुपये व माह में 90 रुपये तक का लाभ होगा, जिससे उन्हें काफी राहत मिलेंगी। मजदूर महिला कुसमा का कहना है कि सरकार ने मजदूरी में प्रतिदिन सिर्फ 3 रुपए की बढ़ोत्तरी की है, जो ठीक नहीं है। सरकार को कम से कम 40 से 50 रुपए प्रति दिन के हिसाब से बढ़ाना चाहिए। मजदूरी बढ़ाने के नाम पर सिर्फ खानापूरी की है।